Thursday, July 21, 2011

इन्टरनेट ने बदल दी दुनिया



  दुनिया कितनी बदल गयी है सुना होगा आप सब ने और कहीं न कहीं महसूस भी किया होगा ह्यूमन सिविलाएजेशन का दौर जो रोटी कपडा और मकान से शुरू हुआ उसमे टाईम के साथ साथ न जाने कितनी चीजें जुडी पर हमारी बेसिक नीड्स इन्हीं के आस पास घूमती रहीं .हमारे राईट्स और ड्यूटीस का सारा संघर्ष रोटी कपडा और मकान का ही रहा है पर अब इसमें एक नया चेंज आया है वो है इन्टरनेट यू एन ओ  की एक रिपोर्ट के अनुसार इन्टरनेट सेवा से लोगों को वंचित करना और ऑनलाइन सूचनाओं के मुक्त प्रसार में बाधा पहुँचाना मानवाधिकारों के उल्लघंन की श्रेणी में माना जाएगा यू एन के स्पेशल रेप्रेसेंतेटिव फ़्रैंक ला रू ने ये रिपोर्ट विचारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के प्रसार  और संरक्षण के लिए तैयार की है.जरा सोचिये और किसी अधिकार ने हमारी जिंदगी इतनी तेजी से नहीं बदली है जितनी इन्टरनेट ने बदल दी है .बैंक में लगने वाली लाइन खतम हो गयी है गैस बुकिंग से लेकर ट्रेन और हवाई जहाज़ तक के टिकट नेट की मदद से खरीदे जा रहे हैं यानि हम कह सकते हैं कि इन्टरनेट आने वाले समय में संविधान सम्मत और मानवीय अधिकारों का एक प्रतिनिधि बन कर उभरेगा आज इन्टरनेट जिस तरह देश और दुनिया को चेंज कर रहा है कि अब इसके बगैर जीवन की कल्पना करना संभव नहीं पहले इंसान की मूलभूत आवयश्कता थी रोटी कपड़ा और मकान लेकिन अब इसमें इन्टरनेट को शामिल कर यू एन ओ ने एक प्रगतिशील कदम उठा कर इस धारणा को पुष्ट किया है कि ह्यूमन राय्ट्स एक डायनामिक कांसेप्ट है जैसे जैसे दुनिया बदलेगी ह्यूमन राय्ट्स का दायरा भी बढ़ेगा पर इसमें इन्टरनेट का शामिल होना इन्टरनेट की व्यापकता और इसकी
शक्ति को दर्शाता है. जापान में आयी सुनामी के समय लोगों तक हेल्प पहुँचाना या इजिप्ट में हुए सत्ता  परिवर्तन में इन्टरनेट ने अपनी  पावर को प्रूव तो किया है. इन्टरनेट ही इकलौता मीडियम है जो रेडियो न्यूज़ पेपर और टेलिविजन की तरह वन वे मीडियम न होकर मल्टी डायमेंशनल है. अन्य दूसरे मीडियम के इतर यह उन कंट्रीज में भी कारगर है जहाँ संचार साधनों को पर्याप्त स्वतंत्रता नहीं प्राप्त है. इस मीडियम में थाट्स का फ्लो रोकना या उन्हें प्रभावित करना उतना आसान नहीं होता. इससे स्वतंत्र विचारों का सम्प्रेषण अधिक आसानी से होता है.सिटीजन जर्नलिस्ट के कांसेप्ट को पुष्ट करने में इन्टरनेट का सबसे बड़ा योगदान है आप कुछ भी दुनिया के साथ शेयर सकते हैं बगैर किसी सेंसर के आपको अपनी बात जन जन तक पहुंचाने के लिए कोई इंतिजार नहीं करना है .एक तरह से देखें तो इन्टरनेट ने मॉस कम्युनिकेशन के सीनेरियो को पूरी तरह से बदल दिया है डेवलपमेंट को सोसायटी के अंतिम आदमी तक पहुंचाने के लिए एड्मिनिस्त्रशन का  करप्शन फ्री और ट्रांसपैरेंट होना जरूरी है और इस काम को और अधिक फास्ट करने में इन्टरनेट एक एफ्फेक्टिव मीडियम के रूप में उभरा है इन्टरनेट विरोध या असहमति दर्ज कराने के एक नए प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है .विकासशील देशों में भले ही इन्टरनेट अपने पैर तेजी से पसार रहा हो पर उसकी गति विकसित देशों के मुकाबले कम है आईटीयू के ही आंकड़ों के अनुसार विकसित देशों में हर तीसरा व्यक्ति इंटरनेट से जुड़ा है वहीं विकासशील देशों में पांच में से चार व्यक्ति अब भी इंटरनेट से दूर हैं. भारत जैसे देश में जहाँ आर्थिक असमानता ज्यादा है वहाँ डिजीटल डिवाइड की समस्या और ज्यादा  गंभीर हो जाती है लेकिन रोटी कपडा और मकान जैसी जीवन की मूलभूत आवश्यकता के साथ जुड़ने से  अब इन्टरनेट सेवाओं का विस्तार भी दुनिया की सरकारों की प्राथमिकता में रहेगा और जैसे जैसे सरकारें अपनी जनता को एक बेहतर जीवन उपलब्ध करती जायेंगी इन्टरनेट का विस्तार अपने आप होता जाएगा .यह कहना ठीक नहीं होगा कि इससे एक दिन में देश या दुनिया की तस्वीर बदल जायेगी पर एक शुरुवात तो हो ही गयी है
आई नेक्स्ट में १२ जुलाई को प्रकाशित 

13 comments:

डॉ. मनोज मिश्र said...

लेकिन हर अच्छाइयों के साथ कुछ बुराइयाँ भी आ जाती हैं-जो आ भी गईं है.
-----जानकारी भरी बढ़िया पोस्ट.

ashish said...

such me guru ji ...internet ne hamari duniya bdl dii....hm aap se saikdon kilometer door hone ke baaojood aapke kareeb hain...thanks internet....

virendra kumar veer said...

internet se huari duniya badal gaye hai aur hitech ho gaye hai aab har work internet aur computer par hi ho raha ha.aane wale dino me inasaan ke body internet se conect ho jayegi.

aks said...

internet kitna prabhavi hai mirish iska jeeta jagta example hai.anna aandolan main bhi internet ne yogdaan diya aur aane wale samay me iske aur rrop bhi dikhai denge.abhi haal hi main pakistaan ne social site par rook laga di hai.ab gaddaro ko lagne laga hai ki sabse ghatak hathiyaar hai aur isse lad pana namumkin hai.

AAGAZ.. said...

Why is it drug addicts and computer aficionados are both called users? ~
(quote from google..
आज वास्तव में इन्टरनेट ज़रूरी हो गया है.. किसी भी काम को आरामदायक तरीके से करने के लिए और जानकारी के अथाह समुद्र में गोते लगाकर मनचाही जानकारी हासिल करने के लिए इन्टरनेट एक बेहद ज़रूरी साधन है.. बस इसके कुछ दुष्परिणाम भी हैं जिनसे हर एक इन्सान को बचना चाहिए..

CHANDNI GULATI said...

Sirji internet aaj ek basic necessity ban gaya hai.....aaj ke daur mein koi bhi , kabhi bhi door nahi maloom padta...sirf intenet ki wajah se..

ARUSHIVERMA said...

Convergence journalism is definitely benefiting the entire society as it has became a necessity. On internet you can easily find pictures, video's, news and many other informations at one place which differentiates it from other forms of media or journalism.

sana said...

inernet ne sach me duniya badal to di hi h sath hi sath is duniya ko chota b kar diya aj ap duniya k kisi b kone me ho inrenet k zariye ap khi b kisi se b connect reh sakte h.....aur up to date b reh sakte h and today it plays a major role in media line also

shaz yusuf said...

har invention ke do sides hote hai , ek accha aur dosra bura , yeh hum par nirbhar karta hai ki humari mansikta kaisi hai , hum usko kis nazariye se dekhte hai, aur uska kaisa istemal karna chate hain !!!

burai cheezo mein nhi uske istemal karne wale ki niyat mein chupi hoti hai!!
internet ka istemal mufeed bhi hai aur muzir bhi hai ,

samra said...

internet play a very important role in todays era.becoz in every field ,every second we need it becoz it is a complete package of information and entertainment.....

it depends on the person how he or she uses it..becoz everything has its pros and cones..

Anonymous said...

internet se kam samay me atyadhik jankari prapt karne ke sath-sath humari jarurto ko pura karne ka sadhan bna hai. internet n hota tho humara jiwan sada hota jo uch vichar n ban pata lekin internet humare liye disao ka marg darson karaya blki hume puri tarah vidyavan bhi banaya hai.

dil ki kalam se said...

internet ne humare jiwan ki purti ki hai. jisse hum uch vicharo ko soch kar pura kar sakte hai. aaj humare liye internet ek chamtkar ke roop me hai.

growing india media said...

sir.. aapke is article me jo ek line hai jisme freedom of speech aur expression ki baat hai.. aaj wahi ho raha hai.. aaj humare mind me ye baat turant click ki jab kapil sibbal ki news dekh rahe the.. Great sir..

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